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सुखदर्शन सिंह हत्या काण्ड का खुलासा
June 3, 2020 • उत्तरांचल वाण • समाचार

दो भाइयों ने की थी हत्या,

मिदनापुर में हुई हत्या का खुलासा पुलिस ने

 करते हुए पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनो सगे भाईयों ने ही रंजिशन बहन के सुहाग को उजाड़ दिया। दोनो आरोपियों ने बहनोई की हत्या तंज कसने को लेकर कर दी थी। हत्या को अंजाम देने के लिए पहले दोनों भाइयों ने उसे शराब पीने के बहाने घर से बुलाया था,उसका गला दबाकर मौत के घाट उतार कर शव को खेत मंें फेंक दिया और मोबाइल तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है। इस मामले में भगवानपुर थाने में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि छापुर शेर अफगानपुर गांव निवासी सुखदर्शन की हत्या कर शव गांव के पास ही जंगल में में फेंककर आरोपित फरार हो गए थे। सुखदर्शन कस्बे में वर्कशॉप चलाता था। पुलिस ने इस मामले की जांच की तो हत्या के पीछे उसके दो सालों की रंजिश सामने आई। पुलिस ने इस मामले में सुखदर्शन के साले मोतीलाल और मुरारी निवासी ग्राम हल्लूमाजरा थाना भगवानपुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मोतीलाल ने हत्या की बात कबूली। एसपी देहात ने बताया कि मोतीलाल दिल्ली में नौकरी करता था। करीब एक साल पहले मोतीलाल ने अपने बेटी की शादी मक्खनपुर स्थित एक होटल में की थी। शादी के दौरान सुखदर्शन ने अपने साले मोतीलाल पर तंज कसा था कि इतनी शान-शौकत से बेटी की शादी करने की तेरी औकात नहीं है। फिर कैसे इतनी अच्छी तरह से शादी की। यह बात मोतीलाल को चुभ गई। इसके बाद से वह सुखदर्शन से रंजिश रखने लगा था। आरोप है कि कई बार वह रिश्तेदारी में भी इस तरह की बात कह चुका था। लॉकडाउन के दौरान मोतीलाल हल्लूमाजरा गांव आया हुआ था। इस दौरान भी यह मामला हुआ। जिसके चलते मोतीलाल ने अपने भाई मुरारी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। योजना के मुताबिक उन्होंने बहनोई सुखदर्शन को शराब लेकर आने को कहा। उनकी बातों में आकर सुखदर्शन घर से बाहर आ गया। दोनों भाई उसे बाइक पर बैठाकर ले गए और जंगल में शराब पी। यहां पर भी इनके बीच तंज कसने को लेकर विवाद हुआ। जिस पर दोनों भाइयों ने गला दबाकर बहनोई की हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर बाइक बरामद की है म्र्तक सुखदर्शन के बेटे धीरेंद्र ने पिता की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। हत्याकाण्ड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल,दरोगा मनोज ममगई,प्रदीप रावत,प्रवीन रावत,शहजाद अली,नरेन्द्र तोमर,सिपाही सुधीर,विनोद कुण्डलिया,सचिव,विनय थपलियाल,संदीप राणा,संजय रावत तथा लाल सिंह शामिल रहे।