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जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निजी चिकित्सालयो हेतु क्या निर्देश दिए?
July 31, 2020 • उत्तरांचल वाणी

निजी चिकित्सालयों में कोविड रोगी पाए जाने पर गाइडलाइन अनुसार कार्रवाई करने के आदेश 

जिलाधिकारी हरिद्वार श्री सी0 रविशंकर ने मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार को निजी क्षेत्र के गैर कोविड-19 चिकित्सालयों में कोविड रोगी पाये जाने की दशा में उत्तराखण्ड शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये। निजी चिकित्सालयों में गैर कोविड रोगियों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है, भर्ती किये गये रोगी की जांच में यदि रोगी कोविड-19 पाॅजीटिव पाया जाता है, ऐसी स्थिति में रोगी को  अधिकृत सरकारी चिकित्सालयों में संदर्भित करना पड़ता है, जिससे रोगियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि निजि चिकित्सालय आईसीएमआर भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हैं तो वह चिकित्सालय कोविड रोगी के उपचार के लिए अधिकृत होंगे। गाइड लाइन अुनसार उक्त के दृष्टिगत ऐसे निजी चिकित्सालयों द्वारा को-मोर्बिड रोगी की कोविड-19 रोगी की जांच आईसीएमआर की गाइडलाइन के आधार पर की जाएगी। नैदानिक स्थापना अधिनियम-2010 के निहित प्राविधानों के अन्तर्गत पंजीकरण होना चाहिए। कोविड-19 रोगियों को रखने के लिए एक अलग वार्ड/ब्लाॅक हो जिसमें प्रवेश तथा निकासी द्वारा अलग हों। आपातकालीन सुविधाएं जिसमें 24 घंटे चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हो एवं विशेषज्ञ चिकित्सक की आॅन काॅल सुविधा होनी चाहिए। आईसीयू, फार्मेसी की सुविधा चैबीसों घंटे होनी चाहिए। आइसोलेशन वार्ड में प्रत्येक बेड पर आॅक्सीजन की सुविधा होनी चाहिए। बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के प्राविधानों का पालन चिकित्सालय द्वारा किया जाना व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राधिकार प्राप्त होना आवश्यक है। समस्त मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाॅफ कोविड-19 से बचाव हेतु आईपीसी प्रोटोकाॅल एवं वेस्ट मैनेजमेंट प्रोटोकाॅल में प्रशिक्षित होना चाहिए। चिकित्सालय में कोविड-19 से बचाव हेतु सोशल डिस्टेंशिंग के साथ उपयुक्त लाॅजिस्टिक पीपीई किट, एन-95/त्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क, फैस शील्ड, सैनिटाइजर आदि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होने चाहिए साथ ही समर्पित कोविड-19 एम्बुलेंस की सुविधा भी होनी चाहिए। भर्ती रोगियों को कोविड-19 जाँच की पुनः आवश्यकता पड़ने पर आईसीएमआर द्वारा कोविड-19 जाँच हेतु अधिकृत निजी पैथोलाॅजी लैब को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर जाँच कराया जा सकेगा। मूल रोग का उपचार चिकित्सालय द्वारा अपने निर्धारत दरों पर एवं ऐसे मरीज जो कोविड-19 संक्रमित हांेगे, उनके उपचार हेतु ली जाने वाली सभी सावधानियों एवं उपयोग में लाये जाने वाले सभी प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट का वास्तविक एवं न्यूनतम खर्च ही अतिरिक्त रूप से लिया जाएगा। कोविड-19 संक्रमित का उपचार भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाएगा तथा संक्रमित समस्त रोगियों की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी/नोडल जिला सर्विलांश अधिकारी को रियल टाइम में उपलब्ध करानी होगी।