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ब्रेकिंग न्यूज़ - कोरोना वायरस ,फेस मास्क और क्वारंटाइन का पालन ना करने पर 6माह की सजा और पांच हजार जुर्माना ?
June 13, 2020 • उत्तरांचल वाणी

महामारी अधिनियम में संशोधन करने वाला उत्तराखंड देश का तीसरा राज्य बना, राज्यपाल ने दी मंजूरी

उत्तराखण्ड केरल और ओडिसा के बाद महामारी रोग अधिनियम अध्यादेश 1897 में संशोधन करने वाला उत्तराखण्ड राज्य देश का तीसरा राज्य बन गया है। संशोधन अध्यादेश को राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने मंजूरी दे दी है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने महामारी रोग अधिनियम अध्यादेश 1897 उत्तराखंड धारा 2 और 3 में संशोधन किया है। जिसके बाद अब एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के तहत राज्य में जो भी व्यक्ति कोरोना वायरस, फेस मास्क और क्वारंटाइन आदि के संबंधित नियमों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ अधिकतम छह महीने की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दे कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22 अप्रैल, 2020 को एपीडेमिक डिजीज एक्ट 1897 (महामारी बीमारी कानून) में नए संशोधन का प्रस्ताव करते हुए एक अध्यादेश को मंजूरी दी है। संशोधनों के बाद स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने का दोषी पाए जाने पर 6 महीने से लेकर 7 साल तक की कैद शामिल है। इसके अलावा हमले को गैर-जमानती अपराध भी घोषित कर दिया गया है। गौरतलब है कि अभी तक एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के तहत कम्पाउंडिंग की सुविधा नहीं थी। लेकिन अब राज्यपाल द्वारा किए गए संशोधन के बाद कोरोना से जुड़े नियमों का सख्ती से लागू किए जा सकेंगे। ( फाइल फोटो ) एक्ट में क्या हुआ संशोधन – कोई व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करता है तो हमले को गैर-जमानती अपराध भी बनाया गया है। इतना ही नहीं कोई व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मियों पर किसी भी तरह की हिंसा करता है तो उसको 7 साल तक की कैद के साथ भारी जुर्माना भी देना पड़ेगा। ऐसे मामलों में जांच 30 दिनों के भीतर की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों को 6 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल की सजा सुनाई जाएगी और 50 हजार से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगेगा।